किसी भी रिश्ते को मजबूत और खुशहाल बनाए रखने के लिए जरूरी है कि आप सामने वाली की बातों और उनकी भावनाओं को भी समझें. सिर्फ अपनी ही कहते रहेंगे तो इससे रिश्ता कमजोर पड़ सकता है. जानिए, हेल्दी रिलेशनशिप के लिए पार्टनर की बातों को सुनना और उसे अटेंशन देने के लिए क्या करें.

एक हेल्दी रिश्ता निभाने के लिए बेहद जरूरी है एक-दूसरे की बातों को सुनें, समझें और उसे अपनाएं. कई बार कुछ कपल्स सिर्फ अपनी ही बातों को कहते हैं और चाहते हैं कि पार्टरन उसे ही सुनें और अपनाए. लेकिन, ऐसा करने से आपके रिश्ते में दरार आ सकती है.

एक हेल्दी रिलेशनशिप के लिए सामने वाले की बातों को भी सुनना बहुत जरूरी है. वो क्या सोचता है, उसकी राय क्या है जिंदगी या रिश्ते को लेकर, इसे सुनना-समझना बहुत जरूरी है. पार्टनर यदि आपको कुछ कह रहा है या आपसे कोई बात करना चाह रहा है तो बेहद जरूरी है कि आप पॉजिटिव तरीके से रिएक्ट करें और रिस्पॉन्ड करें. सामने वाले की बात सुनना एक बेहद ही महत्वपूर्ण स्किल है, किसी भी हेल्दी रिलेशनशिप के लिए.

अपने पार्टनर को ऐसे दें अटेंशन

1. पार्टनर की बातों को ध्यान से सुनें-

होलिस्टिक कोच, थेरेपिस्ट बेंजामिन कोरही ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें वे रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए बेहतर श्रोता होने की बात पर जोर देते हैं. यदि आप अपने पार्टनर की बातों को भी ध्यान से सुनें तो रिश्तों में मजबूती आती है.

यदि आप अपने पार्टनर की तरफ ध्यान देते हैं तो इससे रिश्ते में मजबूती आती है. जब आपका पार्टनर बोल रहा हो तो आप आई कॉन्टैक्ट बनाए रखें. उनकी बातों को सुनने और समझने की कोशिश करें. रिस्पॉन्स करते रहें ताकि सामने वाले को लगे कि आप उनकी बातों पर ध्यान दे रहें ना कि नजरअंदाज कर रहे हैं.

2. उनकी भावनाओं को समझें-

यदि आपका पार्टनर आपसे कोई बात कह रहा है तो उसके शब्दों, भावनाओं को सुनने के साथ-साथ समझने की भी कोशिश करें. ऐसी बातें कहकर उनकी भावनाओं और अनुभवों की पुष्टि करें. आप पार्टनर से कह सकते हैं कि ऐसा लगता है जब ये बात हुई तो तुम्हें काफी तकलीफ या निराशा हुई. इससे पार्टनर को लगेगा कि आप उन्हें और उनकी बातों को समझते हैं. उनके पक्ष में हैं ना कि गलत समझ रहे हैं.

3. आलोचना ना करें-

जब आपका पार्टनर आपसे कोई बात शेयर कर रहा है, तो उनकी आलोचना ना करें. समस्याओं को ठीक करने या सलाह देने की कोशिश करने से बचें. आपकी भूमिका सिर्फ सहानुभूतिपूर्ण और सहायता करने वाली होनी चाहिए. इससे आपके बीच कड़वाहट नहीं आएगी और रिश्ते भी मधुर बने रहेंगे.

4. अपना पूरा ध्यान दें-

अपने साथी को यह महसूस कराएं कि आपने उसकी बात को अच्छी तरह से सुन ली और समझ भी ली. सुनने के कौशल को विकसित करने से कम्युनिकेशन बेहतर होती है, साथ ही ये अंतरंगता बनाने और अपने रिश्ते को मजबूत करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है.

5. आलोचना ना करें-

जब आपका पार्टनर अपनी बात आपसे कह रहा हो तो ध्यान भटकाने से बचें. बीच-बीच में उनकी ही आलोचना न करें. अपनी प्रतिक्रिया तभी दें, जब पार्टनर ने अपनी बात कह दी हो. बार-बार उनकी बातों को काटकर सवाल ना पूछें. इससे वे इर्रिटेट हो सकते हैं और आपसे नाराज हो सकते हैं. बेहतर है कि आप ध्यानपूर्वक सुनने की कोशिश करें.