रिलेशनशिप एक बहुत ही कॉम्प्लिकेटेड चीज है खासतौर से जब यह अच्छी न चल रही हो। कई बार पार्टनर का व्यवहार ऐसा होता है कि उसकी वजह ही समझ नहीं आती। बेवजह का चिल्लाना गुस्सा करना और यहां तक की इसमें मारपीट भी शामिल है। इस तरह के बर्ताव को एक्सपर्ट्स इमोशनल डंपिंग का नाम देते हैं जो बन सकता है रिलेशनशिप में अलगाव की वजह।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गुस्से को अंदर दबाकर रखना फिजिकल और मेंटल दोनों ही हेल्थ के लिए खराब होता है, लेकिन इसे निकालने और शांत करने का एक तरीका होता है। जिसके बारे में आपको जानना चाहिए। अगर आप अपने ऑफिस की Frustration घर आकर पार्टनर पर उतारते हैं, तो ये बहुत ही गलत तरीका है।

मनोविज्ञान की भाषा में इसे इमोशनल डंपिंग कहा जाता है। इससे आपकी अच्छी-भली रिलेशनशिप खराब हो सकती है। काम से लौटने के बाद पार्टनर सोचता है कि आप उससे दो-चार बातें प्यार से करें। वहीं, अगर आप बिल्कुल इसके उलट करते हैं, तो ये एक तरह का मेंटल टॉर्चर है।

क्या है इमोशनल डंपिंग?

इसे ऐसे समझें। आपका ऑफिस या कॉलेज में बहुत बुरा दिन बीता। इसे लेकर आपके अंदर बहुत ज्यादा गुस्सा भरा हुआ है, लेकिन आप इसे चाहकर भी निकाल नहीं पा रहे। शाम को जब आप घर पहुंचते हैं और पार्टनर नॉर्मली आपसे बातचीत करने की कोशिश करता है, तो वो आपको सॉफ्ट टारगेट नजर आता है अपनी भड़ास निकालने का। आप अपनी सारी कुंठाओं, शिकायतों और चिंताओं का बोझ उसपर थोपने की कोशिश करते हैं।

इमोशनल डंपिंग के संकेत

1. पार्टनर को देखकर तनाव महसूस करना

अगर आपका रिलेशनशिप अच्छा चल रहा है, तो पार्टनर को देखकर, उससे मिलकर एक अलग ही खुशी का एहसास होता है, लेकिन वहीं अगर पार्टनर के घर आते ही एक अलग तरह का तनाव होने लगता है, तो इसका मतलब कुछ गड़बड़ है।

2. रिस्पेक्ट की कमी

अगर आपका पार्टनर आपको इमोशनल स्ट्रेस दे रहा है, साथ ही आपकी इज्जत भी नहीं कर रहा, तो इन संकेतों को नजरअंदाज न करें। ऐसे लोग सिर्फ अपना गुस्सा निकालने और रोने के लिए आपका कंधा ढूंढ़ेंगे, खुशी व सेलिब्रेशन के मौके पर आपको उनकी याद बिल्कुल भी नहीं आएगी।

3. आपकी इच्छाएं मायने नहीं रखती

इमोशनल डंपिंग में आप क्या सोचते हैं या कैसा फील कर रहे हैं, इससे सामने वाले को कोई मतलब नहीं होता। उसका टारगेट अपना frustration निकालना होता है। अगर आप रिलेशनशिप को बचाए रखने के लिए बेवजह के झगड़ों और बहस को अवॉयड करते हैं, तो सामने वाले को इससे और ज्यादा हिम्मत मिलती है।

अगर आपके पार्टनर में भी ऐसी आदतें हैं, तो उनके साथ बैठकर बातचीत का प्रयास करें। वैसे इस समस्या को सॉल्व करने में आप एक्सपर्ट्स की भी हेल्प ले सकते हैं।