हम सभी की जिंदगी भी एक ऐसा समय जरूर आता है जब हमें किसी साथी की जरूरत होती है। अकेलापन दूर करने और प्यार का एहसास करने के लिए हमें जीवनसाथी की जरूरत होती है। लेकिन कई बार लोग अपनी जरूरतों के चलते अपने रिश्ते खराब कर बैठते हैं। वह वर्तमान जीवन में आनंद महसूस करने के लिए किसी बाहरी व्यक्ति के करीब होने लगते हैं, जो इमोशनल अफेयर का कारण बन सकता है।

अगर आपकी जिंदगी में कोई व्यक्ति नहीं है, तो ऐसे में किसी से इमोशनली जुड़ना गलत नहीं है। लेकिन अगर आप अपनी हस्ती खेलती जिंदगी में दोस्ती से ज्यादा किसी को महत्व देने लगे हैं, तो यह इमोशनल अफेयर का कारण बन सकता है, जो मैरिड लाइफ में चीटिंग से कम नहीं है। आइए इस लेख के माध्यम से जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

पहले समझिए क्या है इमोशनल अफेयर-

इमोशनल अफेयर यानि किसी व्यक्ति से भावनात्मक रूप से जुड़ना। इसमें व्यक्ति किसी से भावनाओं के जरिए जुड़ने लगता है। उसके करीब होने पर खुशी महसूस करता है और अपना ज्यादा समय उस व्यक्ति को देने लगता है। इमोशनल अफेयर में व्यक्ति का शारीरिक रूप से करीब होना जरूरी नहीं। ऐसे में व्यक्ति सामने वाले व्यक्ति को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लेता है और अपनी हर छोटी से छोटी बात उससे शेयर करने लगता है।

इमोशनल अफेयर का मैरिड लाइफ पर क्या असर पड़ता है-

किसी व्यक्ति से भावनात्मक रूप से जुड़ना गलत नहीं है लेकिन अगर आप पहले से किसी रिश्ते में हैं, तो आपके पार्टनर को इसकी जानकारी होना जरूरी है। इमोशनल अफेयर के कारण लोग अपने पार्टनर से बोर होने लगते हैं। अपना ज्यादा से ज्यादा समय दूसरे व्यक्ति को देने लगते हैं और अपने पार्टर से दूरी बनाने लगते हैं। ये चीजे एक रिश्ते में चीटिंग के समान ही है, जो गहरे से गहरे रिश्ते को खत्म करने का कारण बन सकती है।

कैसे समझे कि आप किसी इमोशनल अफेयर में हैं-

अकेले समय बिताने के बहाने करना

अगर कोई व्यक्ति इमोशनल अफेयर में है तो वह ज्यादा से ज्यादा समय अकेले बिताने की कोशिश करेगा जिससे वह दूसरे व्यक्ति को ज्यादा समय दे पाए। इसके साथ ही वह अपने परिवार को निगलेट करने की कोशिश करेगा और किसी भी चीज में दिलचस्पी नहीं दिखाएगा।

दूसरे को अपने पार्टनर से बेहतर मानना

इमोशनल अफेयर में व्यक्ति उस रिश्ते में खुद को इस कदर खो देता है, कि वो हर चीज में दूसरे व्यक्ति को अपने पार्टनर से बेहतर मानने लगता है। उसे ऐसा महसूस होने लगता है कि सामने वाला व्यक्ति उसे उसके पार्टनर से बेहतर समझ सकता है।

छोटी से छोटी बात शेयर करना

इमोशनल अफेयर में व्यक्ति अपनी हर छोटी से छोटी बात सामने वाले व्यक्ति से शेयर करने लगता है। दिनभर में उसने क्या किया या किसी चीज को लेकर उसकी क्या प्लानिंग है, हर चीज उस बताता है।

अपनो के बीच खुश न रहना

ऐसे में व्यक्ति अपनों के बीच खुशी महसूस नहीं करता और सिर्फ दूसरे व्यक्ति से जुड़े रहने की कोशिश करता है। वह अक्सर अपने पार्टनर से इरिटेट रहता है और मन में धारणा बना लेता है कि वह कुछ गलत नहीं कर रहा।

इमोशनल अफेयर से कैसे बाहर आएं-

  • अगर आपको ऐसा महसूस होने लगा है कि आप इमोशनल अफेयर का हिस्सा बन चुके हैं तो इन बदलावों को अपना सकते हैं –
  • दूसरे व्यक्ति से सम्पर्क बिल्कुल खत्म कर दे और दूरी बनाना शुरू कर दें।
  • उस समय के बारे में सोचे जब आप अपने परिवार के साथ खुश रहते थे।
  • अपने परिवार और पार्टनर के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं।
  • पार्टनर से खुलकर बात करें और रिश्ते में प्यार बनाए रखें जिससे किसी तीसरे को आने का मौका न मिल पाए।