आजकल के युवा ये नहीं चाहते कि उनके लाइफ में किसी तरह की कोई दखलअंदाजी की जाए. इसलिए वीकेंड मैरिज का ट्रेंड काफी ज्यादा बढ़ गया है. इस रिश्ते में कपल एक दूसरे को जवाबदेह नहीं होते हैं और अपनी लाइफ अपनी शर्तों पर जीते हैं.

शादी एक दो दिन का नहीं बल्कि सात जन्मों का साथ होता है. शादी के बाद दो लोग एक दूसरे के साथ एक पावन रिश्ते में बंध जाते हैं और समाज में इन्हें पति पत्नी का दर्जा भी मिल जाता है. शादी के बंधन में बंध जाने के बाद पति पत्नी एक दूसरे के सुख दुख के साथी बन जाते हैं. वह अपना ज्यादा से ज्यादा समय एकदूसरे के साथ ही बिताना चाहते हैं. वहीं कुछ कपल ऐसे भी हैं जो शादी के बाद भी सिर्फ वीकेंड पर एकदूसरे से मिलते हैं.

दरअसल, आजकल बदलते लाइफस्टाइल के वजह से लोगों ने कई रीति रिवाजों को भी अपने हिसाब से ढाल लिया है. अपनी सुविधा के अनुसार आजकल लोग रिश्तों में तोड़ मरोड़ करने लगे हैं. इसी बदलाव को देखते हुए आजकल वीकेंड मैरिज का ट्रेंड बढ़ गया है. आइए जानते हैं क्या है वीकेंड मैरिज और क्यों बढ़ रहा है इसका ट्रेंड.

कहां से शुरू हुआ वीकेंड मारिज का ट्रेंड?

वीकेंड मैरिज की शुरूआत जापान से हुई है. दरअसल, यहां के लोगों का मानना है कि शादी के बाद उनकी पर्सनल लाइफ खराब हो जाती है. शादी हो जाने के बाद वो सिर्फ अपने पार्टनर और उनके परिवार वालों के लिए ही समय निकाल पाते हैं.

बिजी लाइफस्टाइल के वजह से वह खुद पर ध्यान नहीं दे पाते हैं जिस वजह से आजकल लोग वीकेंड मैरिज का ट्रेंड फॉलो करने लगे हैं. परिवार का ध्यान रखने के चक्कर में अक्सर लोग खुद का ध्यान रखना भूल जाते हैं जिस वजह से भी वीकेंड मैरिज का ट्रेंड बहुत पॉपुलर हो रहा है.

क्या है वीकेंड मैरिज?

वीकेंड मैरिज एक अनोखे तरह का मौरिज है जिसमें शादी के बाद पति पत्नी सिर्फ वीकेंड पर ही एकदूसरे से मिलते हैं. इसके बाद वो अपनी अपनी अलग लाइफ जीते हैं. कई मामलों में तो कपल एक घर में रहकर भी अजनबियों की तरह रहते हैं. वहीं कुछ कपल एक दूसरे से अलग रहते हैं और सिर्फ वीकेंड वाले दिन एक दूसरे से मिलकर साथ क्वालिटी टाइम बिताते हैं.

एक दूसरे की लाइफ में नहीं देते हैं दखल

वीकेंड मैरिज का ट्रेंड यूथ के बीच काफी पॉपुलर है. आजकल के युवा ये नहीं चाहते कि उनके लाइफ में किसी तरह की कोई दखलअंदाजी करे. इसलिए भी आजकल वीकेंड मैरिज का ट्रेंड काफी ज्यादा बढ़ गया है. इस रिश्ते में कपल एक दूसरे को जवाबदेह नहीं होते हैं और अपनी लाइफ अपनी शर्तों पर जीते हैं.