हम बता रहे हैं आपको उन 5 चीजों के बारे में जो कपल के लिए न सिर्फ सिरदर्द होती हैं, बल्कि उनके अलग होने का कारण भी बन सकती हैं। 

रिश्ता बिगड़ने की नौबत जब आती है, तो हमेशा बड़े-बड़े कारणों पर बात की जाती है। हालांकि, असलियत तो ये है कि कुछ छोटी-छोटी चीजें होती हैं, जिनके कारण रिश्ते में नेगेटिविटी आना शुरू हो जाती है, जो बाद में बड़ा रूप लेकर राहें अलग करने को मजबूर कर देती हैं। अगर कपल अलग न भी हो, तो ये चीजें हमेशा सिरदर्द बनी रहती हैं और प्यार हर गुजरते दिन के साथ कम होता जाता है। 

रिश्तों में ये पांच चीज़ें किसी सिरदर्द से कम नहीं हैं: साथी का डॉमिनेटिंग होना, पैसे खर्च करने में संतुलन न रखना, छोटी-छोटी बातों पर रूठना, टाइम मैनेजमेंट, पर्सनल स्पेस और टाइम का सम्मान न करना. 

साथी का डॉमिनेटिंग होना 

कोई भी रिश्ता तभी हेल्दी रह सकता है, जब उसमें हर चीज को लेकर बैलेंस बना रहे। अगर कोई एक साथी दूसरे पर हावी होने लगे तो ये संतुलन बिगड़ने लगता है और इसी के साथ रिश्ता भी ढलान की ओर जाने लगता है। डॉमिनेटिंग लोग अपने पार्टनर की जिंदगी से जुड़ी हर चीज को अपने हिसाब से करवाने की कोशिश करते हैं, जो व्यक्ति को ऐसा महसूस होने लगता है, जैसे उसे बांध दिया गया हो या फिर वह किसी पिंजरे में कैद हो। 

आपके पार्टनर डोमिनेटिंग है मतलब आप पर हावी होने की कोशिश करता है, तो उससे बात करते वक़्त आपको खुद को शांत रखना है। इससे आप खुद को मानसिक तौर पर हर्ट होने से बचा सकते हैं। अगर आप उनकी किसी बात से नाराज हैं या सहमत नहीं, तो वहां भी आपको अपनी बात शांति से ही रखनी है। 

पैसे खर्च करने में संतुलन न रखना 

रिश्ते से जुड़ी प्रैक्टिकल प्रॉब्लम्स में मनी मैटर सबसे ऊपर है। इसे मैनेज करने के दौरान संतुलन बनाए रखना काफी जरूरी है। कपल में से किसी एक का ही हमेशा या ज्यादातर मौकों पर पैसे खर्च करना, साथी का अपने पैसे बचाना और दूसरे के खर्च करवाना, पार्टनर का ज्यादा खर्चीला होना, उसमें सेविंग की आदत न होना, उधारी लेने की आदत होना, जैसी चीजें रिश्ते को बहुत ज्यादा डैमेज करती हैं। इन चीजों से प्यार के नाम पर एक हद तक ही समझौता किया जा सकता है, उसके बाद व्यक्ति को कठोर कदम उठाना ही पड़ता है। 

पैसे खर्च करने में संतुलन बनाए रखने के लिए, आपको न तो बहुत ज़्यादा खर्चीला बनना है और न ही बहुत ज़्यादा कंजूस. अपने वेतन के हिसाब से, ज़रूरी खर्चों के लिए पहले से ही पैसे बांट दें. अपने पैसे के खर्च और मैनेजमेंट पर ध्यान दें. 

छोटी-छोटी बातों पर रूठना 

इस बारे में आप न जाने कितने लोगों को शिकायत करते सुनते होंगे कि वह हमेशा अपने साथी को मनाते ही रहते हैं। ऐसा तब होता है जब किसी को ऐसा पार्टनर मिल जाए, जो छोटी-छोटी बातों पर रूठ जाता हो। जाहिर सी बात है कि प्यार में होने के कारण व्यक्ति हमेशा अपने लव्ड वन को मनाने की कोशिश ही करेगा, लेकिन यह ज्यादा दिन तक नहीं चल पाता है। अंत में व्यक्ति इरिटेट होकर या तो रूड हो जाता है या फिर रिश्ता तोड़ना ही बेहतर समझता है। 

हम कई अलग-अलग कारणों से गुस्सा महसूस कर सकते हैं। यह हमारे द्वारा अनुभव की जा रही कठिन परिस्थिति के कारण हो सकता है । या कुछ ऐसा जो अतीत में हमारे साथ घटित हुआ हो। कभी-कभी, हम कुछ स्थितियों की व्याख्या और प्रतिक्रिया करने के तरीके के कारण क्रोध महसूस कर सकते हैं। 

टाइम मैनेजमेंट 

डेट पर हमेशा लेट पहुंचना, साथी को हमेशा इंतजार करवाना, साथी के लिए टाइम नहीं निकाल पाना जैसी चीजें बुरे टाइम मैनेजमेंट की ओर इशारा करती हैं। रिश्ते से जुड़े इस ऐंगल पर बहुत ही कम कपल्स ध्यान देते हैं, लेकिन अगर गौर किया जाए, तो टाइम मैनेजमेंट में कमी के कारण ही सबसे पहले प्रॉब्लम्स उठना शुरू होती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि यह इरिटेशन के साथ ही कम्यूनिकेशन गैप को जन्म देता है, जो बाद में बड़ा रूप लेता जाता है। 

भिन्न-भिन्न कार्यों को करने के लिए लगाये गए समय और उनको करने के क्रम को सोच-विचार कर व्यवस्थित करना समय प्रबंधन कहलाता है। समुचित समय प्रबंधन से दक्षता मिलती है, उत्पादकता बढ़ती है और कार्य सही समय पर पूरे होते हैं। समय प्रबंधन के लिए स्वयं का मूल्यांकन करें. 

पर्सनल स्पेस और टाइम का सम्मान न करना 

साथी का पर्स चेक करना, वह कहां जा रहा है कहां नहीं इसका ट्रैक रखना, बिना पूछे उनकी चीजें यूज करना, दोस्तों के साथ हैंगआउट न करने देगा या फिर खाली समय को सिर्फ अपने साथ स्पेंड करने की डिमांड करना, ये सारी चीजें पर्सनल स्पेस और टाइम में दखल हैं। हर रिश्ते में एक सीमा का खींचा जाना और उसका सम्मान किया जाना जरूरी है। यह हेल्दी रिलेशनशिप के लिए काफी जरूरी होता है। 

रिलेशन में पर्सनल स्पेस बनाए रखना नहीं है मुश्किल, बस इन छोटी-छोटी बातों का रखें ध्यान 

  • सप्ताह में एक दिन आप भले ही अपना सारा समय अपने पार्टनर और अपने काम को देती हों, लेकिन सप्ताह में कम से कम एक दिन सिर्फ और सिर्फ खुद के लिए ही निकालें। … 
  • घर में अलग स्पेस … 
  • सोलो एक्टिविटीज … 
  • बात करें …