परिवार के साथ रहने से आप जितना खुश रहते हैं उतनी ही अच्छी परवरिश आपके बच्चों को भी मिलती है. वहीं लड़ाई झगड़े के वजह से कुछ घरों के माहौल ऐसे बन जाते हैं जहां सही लहजे में कही हुई बात भी लोगों को बुरी लग जाती है. अगर आपके घर में भी ऐसा ही माहौल बन गया है तो आप यहां बताए टिप्स से घर का माहौल दोबारा से खुशनुमा बना सकते हैं.

बड़े शहरो में अधिकतर लोग अकेले रहते हैं जिस वजह से यहां के लोगों की मेंटल हेल्थ बहुत प्रभावित होती है. वहीं जो लोग परिवार के साथ रहते हैं वो ज्यादा खुश रहते हैं और इनमें से अधिकतर लोग स्ट्रेस फ्री रहते हैं. परिवार के साथ रहने से आप न सिर्फ खुश रहते हैं बल्कि बच्चों को भी अच्छी परवरिश मिलती है. लेकिन हमारे आसापस ही कुछ ऐसे परिवार रहते हैं जिनमें आपस में ही मतभेद चल रहा होता है.

खासकर इस तरह के मतभेद या विवाद तब सुनने में आते हैं जब लड़के की शादी हो जाती है और घर पर नई बहू आ जाती है. कुछ दिनों तक तो घर का माहौल बहुत खुशनुमा रहता है लेकिन जैसे जैसे वक्त बीतने लगता है घर में लड़ाई झगड़े और कलेश बढने लगते हैं.

मां और बीवी के इन झगड़ों के बीच अकसर बेटा ही पिसता है. वहीं कुछ घरों में बात इतनी बिगड़ जाती है कि नौबत अलग होने तक की आ जाती है. घर की इन लड़ाईयों का बच्चों के दिमाग पर गहरा असर पड़ता है. घर की लड़ाई को सुलझाने के लिए आप यहां बताए गए कुछ टिप्स अपना सकते हैं.

बात करने के लिए समय निकालें

चाहे लड़ाई कितनी भी बड़ी हो उसे आप बात करके सुलझा सकते हैं. बडे़ शहरों में लोगों को आपस में बात करने का समय नहीं मिलता है जिस वजह से कई बार लड़ाईयां बढ़ती चली जाती है. ऐसे में आप छुट्टी वाले दिन अपने परिवार के सभी लोगों के साथ जरूर बैठे हैं और जो भी गलतफहमी हो उसे दूर जरूर करें.

बात करें न कि लड़ाई करें

लड़ाई को सुलझाने के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपने बात करने के लहजे पर फोकस करें. अगर आप गुस्से में ही बात सुलझाने की कोशिश करेंगे तो इससे बात सुलझने के बजाय और बिगड़ जाएगी. इसलिए हमेशा ठंडे दिमाग से बात या लड़ाई को सुलझाने की कोशिश करें.

बड़ों की बात सुनें

बड़े जो भी बोलते हैं उसमें हमारी ही भलाई छुपी होती है इसलिए कभी उनकी बात को काटने की गलती न करें. और इस बात का खास तौर पर ध्यान रखें कि आप जिस लहजे में अपने माता पिता से बात करेंगे आपके बच्चे भी आपको देखकर यही सीखेंगे और आगे चलकर वो भी आपसे इसी लहजे में बात कर सकते हैं. अगर बडे़ लोगों की कोई बात बुरी भी लग जाए तो उनसे आराम से बात करके उन्हें ये समझाएं.