रिश्ते तब तक खत्म नहीं हो सकते, जब तक हम नहीं चाहते। क्योंकि जब किसी से शिद्दत से प्यार करते हो तो उसे खोने के बारे में ख्वाब में भी नहीं सोच सकते। लेकिन कई बार रिश्ता उस मोड़ पर आता है जहां सारे रास्ते बंद नजर आते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो ये चीजें करके देखना चाहिए। 

एक रिलेशनशिप में सिर्फ प्यार ही नहीं बल्कि खट्टी-मीठी नोंकझोंक भी जरूरी होती है। उतार-चढ़ाव, रूठना-मनाना और गिले-शिकवे दूर करते हुए ही आगे बढ़ना होता है। फिर समझ नहीं आता क्या करना चाहिए और किस बुनियाद पर मौका देना चाहिए। 
अगर आप भी रिश्ते की इस उलझन में फंस गए हैं तो ज्यादा सोचिए मत। क्योंकि हम आपको कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जिन पर ध्यान देकर आप टूटने की कगार पर खड़े रिश्ते को दोबारा जोड़ सकते हैं। इसलिए रिश्ता खत्म करने से पहले एक बार ये 5 चीजें जरूर करके देंखे। क्या पता एक बार फिर नजदीकियां बढ़ने से सब कुछ ठीक हो जाए। 

रिश्ते में सुधार की तलाश 

सबसे पहले तो ये जानने की कोशिश करें कि, क्या वाकई रिश्ते में सुधार की गुंजाइश है। क्योंकि टकराव तो हर रिलेशनशिप में होता है पर जरूरी नहीं कि आखिरी ऑप्शन ब्रेकअप ही हो। इसलिए हर एक पहलू को समझते हुए कोई फैसला लें, अगर आपकी एक कोशिश से भी बात बन सकती है तो जरूर करके देंखे। 

रिश्ते को बनाना चाहते हैं मजबूत, तो इन टिप्स की मदद से अपने पार्टनर को कराएं प्यार का अहसास 

  • उन्हें प्राथमिकता दें अगर आप किसी रिश्ते में हैं, तो अपने पार्टनर को प्राथमिकता दें।  
  • रिश्ते में सुधार की तलाश करें … 
  • खुलकर संवाद करें … 
  • अपनी रुचि प्रदर्शित करें … 
  • उन्हें मुस्कुराने की वजह दें 

खुद को समझना शुरू करें  

आपके लिए क्या सही है और क्या गलत, ये आपसे बेहतर कोई नहीं जान सकता। इसलिए रिश्तों को टूटने से बचाने के लिए खुद से बात करके ये जानें कि आपका इस रिलेशनशिप में रहना कितना जरूरी है। कल को अगर आपका पार्टनर आपसे दूर हो जाता है। तो आप खुद को संभाल पाएंगे या नहीं, आपकी लाइफ पर कितना असर पड़ेगा। 

खुद को समझना शुरू करने के लिए, ये बातें ध्यान में रखें: 

  • अपनी हर ग़लती की आलोचना करने के बजाय, यह समझें कि ग़लतियां कभी-कभी इसलिए होती हैं क्योंकि हम इंसान हैं. 
  • अपने आंतरिक संवाद को बदलें. अपने आप में सर्वश्रेष्ठ खोजने की कोशिश करें. अपने आप को अच्छी बातें बताएं. 
  • जब भी आप असफल हों, तो देखें कि आपसे कहां पर ग़लती हो गई. उस ग़लती में सुधार करें और फिर से मेहनत करें. 
  • किसी भी विषय को समझने के लिए, हमेशा उसकी सबसे आसान किताब से शुरुआत करें.  

बातचीत से समाधान निकालें 

बात करने से हर समस्या का हल हो सकता है ये सभी जानते हैं। ऐसे में अगर रिश्ता बिगड़ता दिखे तो डिस्कशन करने पर फोकस करें। एक-दूसरे के साथ बैठकर हर एक परेशानी पर खुलकर बात करें। आपको पार्टनर की किस बात से दिक्कत है या फिर वो आपसे क्या चाहता है। ये एक-दूसरे को समझने और समझाने की कोशिश करें। 

बातचीत से समाधान निकालने के लिए, आपको जिज्ञासु होना चाहिए. जिज्ञासु होना आपको बातचीत को चालू रखने के लिए और अधिक प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित कर सकता है. आपकी बौद्धिक जिज्ञासा का उपयोग बातचीत की शुरुआत या बातचीत के दौरान बात करने के लिए विषयों के स्रोत के रूप में किया जा सकता है. आपको संभवतः उस चीज़ के बारे में बात करना आसान लगेगा जिसके बारे में जानने के लिए आप उत्सुक हैं 

समस्याओं और उनके समाधानों पर बात करते समय, शिक्षकों को छात्रों के विचारों को आगे बढ़ाने के तरीकों की तलाश करनी चाहिए. समस्या समाधान के इर्द-गिर्द शिक्षक-छात्र संवाद का उद्देश्य छात्रों को समस्या के बारे में सोचने के वैकल्पिक तरीकों और कैसे करें, को मौखिक रूप से बताने में मदद करना चाहिए. 

छोटे-छोटे एफर्ट करेंगे बड़ा काम 

कई बार रिश्ते टूटने की वजह बड़ी-बड़ी लड़ाई नहीं, बल्कि नदानी में की गईं छोटी-छोटी गलतियां होती हैं। क्योंकि छोटी चीजों में ही खुशियां छिपी होती है। इसलिए रिलेशनशिप में पार्टनर की ख्वाहिशों को नजर अंदाज न करें। एक दूसरे को समझते हुए कुछ न कुछ करके खुश रहने पर ध्यान दें। 

कहा जाता है कि कोई भी काम असंभव नही होता। बल्कि थोड़ा कठिन होता है। दीपा करमाकर आज की युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा हैं। 

छोटी कोशिशों से बड़े बदलाव होते हैं। इसीलिए कहा जाता है कि छोटी छोटी बातों में खुशियां ढूंढना चाहिए। छोटे छोटे एफर्ट करना चाहिए  

लेकिन कई बार छोटी-छोटी बातें बड़ी हो जाती हैं, रोज-रोज के झगड़ों से तंग आकर रिश्ता खत्म करने का ही मन करता है. 

पॉजिटिव चीजों पर ध्यान दें 

रिश्तों के कमजोर पड़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण नेगेटिव होना है कई बार हम सिर्फ गलतियां देखते हैं पॉजिटिव एंगल पर तो सोचते ही नहीं। नतीजन, नेगेटिविटी इतनी हावी हो जाती है कि अच्छा भी गलत ही दिखता है। इसलिए कोशिश करें कि पॉजिटिव चीजों पर भी ध्यान दें, अपने पार्टनर का हर एक पक्ष देंखे। 

सकारात्मक सोच के लिए ये टिप्स अपनाएं: 

  • सकारात्मक आत्म-चर्चा का अभ्यास करें. अपने आप से कुछ भी ऐसा न कहें जो आप किसी और से नहीं कहेंगे. 
  • स्वयं के साथ सौम्य और प्रोत्साहक रहें. 
  • नकारात्मक विचार आएं, तो तर्कसंगत रूप से इसका मूल्यांकन करें. 
  • खुशी, स्वास्थ्य, और सफलता की आशा करें. 
  • पॉजिटिव सोच वाले लोगों के साथ रहें. 
  • वर्तमान में जिएं. 
  • नकारात्मक विचारों को रीफ़्रेम करें.