नातेदारी में अगर आपका अपने पार्टनर से झगड़ा हुआ है और बातचीत भी बंद है। एक-दूसरे से बातचीत की पहल कैसे करें ये सोच रहे हैं तो इसके लिए यहां दिए गए आइडियाज साबित हो सकते है मददगार। ट्राई कर. 

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क नातेदारी में कहते हैं रिश्ते में प्यार के साथ तकरार होना भी जरूरी है। लेकिन ये तकरार मारपीट में नहीं बदलनी चाहिए। कई बार लड़ाई-झगड़े के दौरान लोग एक-दूसरे से वो बातें भी कह देते हैं, जिन्हें नार्मली कहने से हिचकिचाते हैं, तो झगड़ा इतनी बुरी चीज़ भी नहीं क्योंकि जाने-अंजाने में आप अपना मैसेज भी सामने वाले तक पहुंचा देते हैं। अगर आप मैरिड हैं और किसी बात पर आपका भी अपने पति या पत्नी से झगड़ा हुआ है, जिसके चलते कई दिनों से बातचीत भी बंद है, तो यहां दिए गए आइडियाज़ साबित हो सकते हैं आपके लिए मददगार।   

फेवरेट डिश का मैजिक 

झगड़े के बाद बातचीत की पहल करने के लिए आप पार्टनर की पसंद की कोई डिश बना सकते हैं। जिसे देखकर गुस्सा शांत होना तो पक्का है। ये आइडिया कभी फेल नहीं होता। लेकिन हां, इस बात का ध्यान रखें कि खाते वक्त बीती बातों पर चर्चा न करें वरना बात बनने की जगह बिगड़ सकती है।  

लैटर लिखने का आइडिया 

तकरार को खत्म करने के लिए आप इस आइडिया को भी आजमा सकते हैं। अपनी फीलिंग्स को पेन लें और पेपर पर उतार दें। इस आइडिया की सबसे अच्छी बात यह है कि आप चाहे जितने ग़ुस्से में होंगे, एक बार जब लिखना शुरू करेंगे, तो आपका मूड हल्का होना शुरू हो जाएगा। साथ ही साथ अपनी ग़लतियां भी नजर आने लगेंगी। कर सकते हैं ट्राई। 

सॉरी कार्ड दें  

सरप्राइज ज्यादातर लोगों को पसंद आता है। दिमाग अलग तरीक़े से रिऐक्ट करता है। नए ढंग से सोचना शुरू करता है। तो झगड़े को खत्म करने के लिए पार्टनर को कोई कार्ड बनाकर दे सकते हैं। उनकी पसंद का या नोंकझोंक दूर करने वाला कोई गाना लगा सकते हैं। ये आइडिया बहुत काम करता है। 

ईगो को रख दें साइड में 

अगर आप लड़ाई-झगड़े को आगे नहीं बढ़ाना चाहते और दो-तीन दिनों से बंद बातचीत को वापस से शुरू करना, तो अपना ईगो साइड में रखकर सॉरी बोल दें। सॉरी आपको कहीं से भी छोटा फील नहीं कराता बल्कि ये आपका नम्र स्वभाव ही जाहिर करता है।  

झगड़े के बाद बातचीत की शुरुआत करने के लिए, आप ये तरीके अपना सकते हैं: 

  • अपने गुस्से को पहचानें और प्रबंधित करें. 
  • अपने गुस्से की वजह और इसके मूल कारणों को समझें. 
  • बातचीत से पहले कुछ समय निकालें. 
  • दूसरों की सीमाओं का उल्लंघन किए बिना चीज़ों को फिर से बहाल करें. 
  • जब दूसरों को चुनौती दी जा रही हो या उनका अवमूल्यन किया जा रहा हो, तो अपना गुस्सा सामने लाएं. 
  • अपराध को संबोधित करें.